ओ सतगुरु मेरे महाराज संवारो मेरे सब काज राखो भक्तं की लाज गाउँ भजन तेरा बिन साज. सतगुरु मेरे देवता सतजन तुम्हें सेवता जीवन नैय्या तु ही खेवता जिसे सेवा में तू लेवता. सतगुरु मेरे पालनहार नाम का सुमिरन करूँ आठों पहर दौड़ी हर तरफ खुशी की लहर गाँव गाँव शहर शहर.