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Showing posts from May, 2022

भवानी का भजन

  तेरा जय जयकारा होवे मेरी माता  मेरे झोले में खुशियां भर दे, तेरा भजन गाता। तेरा मंदिर दुर्गम मार्ग से खींच कर मुझे लाता, ऊंचे पहाड़ों पर ठोकरें खाता रजत आता।  तेरा माता हर ख़ुशी हर गम में जय-जयकारा लगाऊं, सुबह शाम मैं तेरी आरती मंत्रावली गाऊं।  तेरी पूजा संसार करता ही है, तेरे इलावा मैं किसके और मंदिर जाऊं? माता मेरा विवाह कराने की कृपा कर, धन्य मैं पहले ही हूँ तेरे मंदिर में दर्शन पाकर।  कोई सुशील नेक कन्या से भेंट करा दे, मेरा उससे शीघ्र ही विवाह करा दे।  सेहत का मुझे स्वस्थ कर, शत्रुओं को मुझसे ध्वस्त कर। मेरे इर्द-गिर्द तू गश्त कर, रजत को विजय आश्वस्त कर।  ॐ ऐं ह्रीं क्लीं दुर्गा देव्यैः नमः  ॐ नमः शिवाय।  ॐ नमः कमलवासिन्यैः स्वाहा  ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।  ॐ ऐं  सरस्वत्यै नमः जय हमारे परमपिता की, जय हमारे पित्तरों की।  जय पृथ्वी माता।  जय यमुना माता।  जय गंगा माता।  जय राजा भारत की।  जय राजा विक्रमादित्य की। जय भारत।   जय हिन्द।  और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi....

हो जाऊं मैं भूत तुम्हारो

हे शंकर भगवान् मैं करूं आपका अथाह सम्मान, मुझे इतना प्रिय हो अपना दुखता जीवन, की मैं उठा लूं आपके शत्रुओं के ख़िलाफ़ तीर-कमान।। हे शिव भोले भंडारी, आप सा नहीं कोई भोला महादेव, नंदी भृंगी भूत सर्प एवामेव, मां जगदम्बा कार्तिक गणेश आपको रहते सेव।। इस भौतिक जगत से मुझको उबारो, कर्म आठों पहर, केवल जप तुम्हारो, भोलेनाथ भोलेनाथ मैं दूं हर वक्त पुकारो, हो जाऊं भक्त भले ही मैं भूत तुम्हारो।। namastekavi.blogspot.com

गायत्री देवी का भजन

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  जय गायत्री माया ,   तुम्हारी जय हो जिन पर तुम्हारी कृपा ,  उसे नहीं भय हो।   जिन घर की स्त्रियां तुम्हारा पूजन जानती , तुम्हारे उनमें पद्मचरणों से ,  आती पूर्ण शान्ति।   मन वचन कर्म से, जो पवित्रा रहती , उसका गुणगान पृथ्वी की सब जनता कहती।   आओ करें अपनी पराई नारी का सम्मान , नारियों को तू मन से, उनका महत्व तू पहचान। प्रथम एकाग्रचित हो ,  लगाएं देवी का ध्यान, और पढ़ें पढ़ाएं, देवी गायत्री का ज्ञान। और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com

शंकर भगवान की जय

  अब जब सब ठिठुर रहे, काहे सहें रहे घमंड। भोले शंकर भोले भण्डारी दे दिए सबजन को दण्ड ।। ऐसी फैली महाप्रलय, कॉरॉना बीमारी प्रचण्ड। उस पर  भोले बाबा ने, उत्तराखंड से भेजी ठंड ।। अर्थवयवस्था हुई अव्यवस्था, कैसा कैसा आर्थिक दण्ड। संयुक्त राष्ट्र भी होता कंगाल, बह गया सारा फंड। टूट रहा ५६ ईंच वक्ष कैसी हो गई झंड! कुदरत की बदले की भावना झेलेगी मनुष्यों को प्राण दण्ड। ॐ नमः शिवाय।। ॐ नमः शिवाय।। ॐ नमः शिवाय।। और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com

शेरां दी माता दा भजन

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  ऐ   माता   हमारी शेरों   की   करो   रखवाली तेरे   बच्चे   खाएं   पेट   भर जेब   झोली   न   रह   जाए   खाली।   तेरे   दर   मंदर   पर   चढ़ सकें   तेरे   भक्त   चल   कर तुझे   जीवन   भर   सेवें   ये   कर जैसे   तपें   भोले   विष   पीकर।   तुझे   हम   सब   तरह   से   पूजें   सदा, तेरे   शत्रु   को   मारें   यदा   कदा, हमें   कोई   शक्ति   दो   सदा, ज़ुल्म   ओ   जुर्म   से   लड़ें   कर वधा । और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com

दुर्गा माता का भजन

बजरंग बली जी की जय

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जय वीर हनुमान करो हम सबका कल्याण अच्छा अथवा बुरा इन्सान लगाए श्री राम के चरणों में ध्यान। जैसे होते राम भगवान जैसे तीर छोड़े कमान जैसे वचन के लिए छूटे प्राण वैसे ही हम करें कर्म महान्। साधुओं को देवें दान राजा के लिए करें बलिदान संतों महात्माओं को दें पूर्ण सम्मान करें उनका अनमोल ज्ञानपान। और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com

संकटमोचन को समर्पित भजन

तू ही मंगलशमनकर्ता, तू ही तोड़े अभिमान, तू ही संस्थापक धर्म का, तू पवनपुत्र हनुमान।। तेरे द्वार पर भीड़ लगी, राम-राम शब्द से जग जगी, दुनिया पराई न कभी सगी, श्री राम में सुरति लगी।। तू ही मंगलशमनकर्ता, तू ही तोड़े अभिमान, तू ही संस्थापक धर्म का, तू पवनपुत्र हनुमान।। तुमसे शुरु हो मंगल कार्य, तू ही चमकाते हर सदी, राक्षसों का दमनक, ब्राह्मणों का संरक्षक, तू करा नेकी, छुड़ा बदी।। तू ही मंगलशमनकर्ता, तू ही तोड़े अभिमान, तू ही संस्थापक धर्म का, तू पवनपुत्र हनुमान।। मुझ दुःखी-बेसहारा का, तू तैयार कर दे ऐसा पताका मुझ पेड़ की फैलें सर्वाधिक शाखा,  बुलंद कर ऐसा पताका।। तू ही मंगलशमनकर्ता, तू ही तोड़े अभिमान, तू ही संस्थापक धर्म का, तू पवनपुत्र हनुमान।। ।। जो बांटे दौलत-शोहरत, उसे मिले सम्मान ।। अरु जो सेवै मानव जाति, उसे मिलें हनुमान ।। और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com