हे शंकर भगवान् मैं करूं आपका अथाह सम्मान, मुझे इतना प्रिय हो अपना दुखता जीवन, की मैं उठा लूं आपके शत्रुओं के ख़िलाफ़ तीर-कमान।। हे शिव भोले भंडारी, आप सा नहीं कोई भोला महादेव, नंदी भृंगी भूत सर्प एवामेव, मां जगदम्बा कार्तिक गणेश आपको रहते सेव।। इस भौतिक जगत से मुझको उबारो, कर्म आठों पहर, केवल जप तुम्हारो, भोलेनाथ भोलेनाथ मैं दूं हर वक्त पुकारो, हो जाऊं भक्त भले ही मैं भूत तुम्हारो।। namastekavi.blogspot.com
लक्ष्मी माता हमें बख्शो धन गरीबी से अब थक गया जन लोक सेवा में लगे हमारा मन मिले सदैव खाने को अन्न। तुम हो चंचला सुख की दाता निर्मल देवी द्रव्य निर्माता हमें भक्ति का नहीं गुण आता हमें ऐश्वर्य दिला दो माता। जो तुमको पूजे आज पूर्ण हों उसके सब काज तुमको पूजे भक्त समाज भेजो हमें धन भरे जहाज। ओम लक्ष्मीम अन्य भजनों को भी पढेंं क्लिक करें namastekavi.blogspot.com देशभक्ति गीत एन्जॉय करें poembyrajat.blogspot.com
मंगल करो ऐ मंगलमूर्ति तुमसे होवे मेरी कामना पूर्ति तेरे चरणों में लगे सूर्ति तेरी कृपा हो तो विघ्न टूटती हे लक्ष्मी के प्यारे भ्राता शुभ फल दो तुम सुख के दाता सर्वलोक में तुम्हारी कथा बुधवार को ज्ञानी जन पढ़ता। मेरे ब्याह को तुरंत करा दो सुंदर चंचल पत्नी बना दो मुझे धन का लाभ करा दो सब पाप तुम नष्ट करा दो ओम गणेशम और भी भगवानों की प्रार्थना करें क्लिक करें namastekavi.blogspot.com देशभक्ति व अन्य कविताओं को पढें क्लिक करें Poems by Rajat
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