सूर्य देव को नमन

मेरे सूर्य देव को नमन
उज्ज्वल करना मेरा चमन
जैसे प्रकाशवान करते नित नित
वैसे करा करें सत्कर्म। 

सूर्य देव हमारे प्यारे
दर्शन भोर में ही होते तुम्हारे
सूर्य को अर्द्य दें ये बदन
फैले शांति चैन और अमन। 

जितने हम हैं स्वार्थी और दुष्ट
उतने ही हों तुम्हारी सेवा में संतुष्ट
बनेंगे नेक दयालु और सत्जन्
केवल होना कभी मत रुष्ट। 

तुम्हारे प्रताप को हम हैं गाते
अपने सतगुण हम आज़माते
रहे प्रतापवान ये रजत
और रहे धनवान मेरा वतन। 

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